ज़िंदगी बदल देने और ज्ञानवान विचार 1

ज़ेब का वज़न बढ़ाते बढ़ाते*

*अगर रिश्तों का वज़न घटने लगें ….*

*तो समझ लेना*

कि सौदा घाटे का ही है..

जहाँ प्रयत्नों की उंचाई”*

           *”अधिक होती हैं”*

        *”वहाँ नसीबो को भी”*

           *”झुकना पड़ता हैं”*

      *जीवन का सबसे बड़ा गुरु*

               *वक्त होता है,*

     *क्योंकि जो वक्त सिखाता है* 

     *वो कोई नहीं सीखा सकता !*

होकर मायूस न यूँ*

*शाम की तरह ढलते रहिये* 

*जिंदगी एक भोर है*

*सूरज की तरह निकलते रहिये*

*ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे*

*धीरे धीरे ही सही मगर*

*लक्ष्य की ओर चलते रहिये।*

  हँसते रहिये हंसाते रहिये

 सहयोग एक बहुत ही महंगी चीज़ है,*

       *इसकी हर किसी से उम्मीद न रखे*

              *क्योकि,*

*बहुत ही कम लोग दिल*

       *के धनवान होते है।*

*कौन  कहता  हैं  कि  दूरियां हमेशा..*

*किलोमीटरों  में  नापी  जाती हैं..!*

*कभी  कभी  ” ख़ुद ”  से  मिलने में  भी*

*” जिन्दगी ”  गुजर  जाती हैं..!!*

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